What is Metals, Non-metals and Metalliods? Metals, Non-metals and Metalliods क्या होता है ? Difference between Metals and Non-Metals.

 Hello friends, तो जैसा कि हम जानते हैं कि हमारी हर चीज (matter) से  बनी है यानि  Atom से यानि परमाणु से तो आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि हमारी जो भी वस्तु इस धरती पर पाए जाती हैं तो वो आखिर क्या होती हैं या तो वो Metal हो सकती हैं या Non-Metal हो सकती हैं या फिर वो Metalliod यानि Semiconductor हो सकती हैं 

तो हम कैसे पता चले कि कौन-सी वस्तु metal है और कौन-सी Non metal और इन metals, Non-metals के बीच में क्या difference होता हैं Atomic लेवल पर ये इस Blog में आप पढेंगे तो चलये देखते हैं ?



                       



                              

 

 तो पहले हम इनकी physical properties के बारे में बात कर लेते हैं ?


 Physical Properties of metals :


  • Metal को हम (धातु ) भी कहते हैं, Metals Electricity और Heat के अच्छे कुचालक होते है यानि वो अपने अन्दर से विधुत (Electricity) और Heat (गर्मी ) को आसानी से पास होने देते हैं?
  • धातु Ductile होते हैं यानि क्या कि metal को हम पिघलाकर उसको एक wire (तार) की फॉर्म में convert कर सकते हैं?
  • धातु Malleable होते हैं यानि कि metal को हम पीट-पीट कर उसको एक sheet में convert कर सकते हैं ?
  • धातु Sonorous होते हैं यानि कि अगर metals पर किसी चीज से strike करते हैं तो वे आवाज़ पैदा करते हैं ?
  • धातु Hard होते हैं और Brittle होते हैं यानि चमकते हैं ( खाली sodium को छोड़कर क्योंकि उसको हम एक चाकू कि मदद से काट सकते हैं ?
  • Metals का Boiling तथा Melting पॉइंट high होता है ( खाली Mercury और Gallium को छोड़कर )
  •        ये सारी properties लगभग सभी Metals में पाई जाती हैं बस कुछ metals को छोड़कर 


Physical Properties of Non-Metals :


  •  Non-Metal को हम (अधातु ) भी कहते हैं, Non- Metals Electricity और Heat के Bad कुचालक होते है यानि वो अपने अन्दर से विधुत (Electricity) और Heat (गर्मी ) को आसानी से पास नही होने देते हैं (खाली carbon या Graphite को छोड़कर )
  • अधातु Ductile नही होते हैं 
  • अधातु Malleable नही होते हैं यानि कि Non- metal को हम पीट-पीट कर उसको एक sheet में convert नही  कर सकते हैं ?
  • अधातु Sonorous नही  होते हैं यानि कि अगर Non- metals पर किसी चीज से strike करते हैं तो वे आवाज़ पैदा नही  करते हैं ?
  • अधातु Hard नही  होते हैं और Brittle भी नही होते हैं यानि चमकते भी नही हैं 
  •  Non-Metals का Boiling तथा Melting पॉइंट low होता है (  Diamond (carbon ) को छोड़कर )
  •        ये सारी properties लगभग सभी Non -Metals में पाई जाती हैं बस कुछ Non- metals को छोड़कर 


Physical properties of Semiconductor ( Metalliods). 


Semiconductor ऐसे Material होते जो न ही Metal होते हैं और न ही Non -Metal होते हैं वो Metals और Non-Metals के बीच की properties को show करते हैं, Semiconductor ऐसे मटेरियल हैं जो कि current को अपने अन्दर से pass भी कर  सकते और नही भी क्या ? हां Semiconductor की resistivity metals और non metals कि बीच कि होती है 

तो जब Temperature कम होता है तब Semiconductor अपने अन्दर current को flow नही होने देते हैं, और जब Temperature ज्यादा होता है तब Semiconductor अपने अन्दर current को flow होने देते हैं तो ये हमारी Semiconductor कि property होती हैं ?  


अगर आप इस Topic पर बने विडियो को देखना चाहते हैं तो निचे दिए गए link पर click करें ?
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      Perodic Table



                       

         

तो ऊपर जो आपने एक figure देखा वो I Think आपने अपने Books में या कही और भी देखा होगा तो इस figure में जो बॉक्स type में दिख रहे हैं वो Elements  हैं, यानि पूरे विश्व में जो भी चीजे हैं वो सभी इन Elements से ही बनी हैं अब चाहे वो हवा हो या कोई metal का piece वे सभी हमारी Elements से बनी हैं,


   और इसमें figure में आप देख रहे होंगे कि हर Elements का कुछ Number है तो वो क्या है? तो वो है Atomic Number उस element का जैसे कि : Hydrogen का 1, Helium का 2 या Aluminium का 13.


  और यहाँ इस Table में Elements को colour के द्वारा उनकी property को दर्शाया गया है जैसे कि जो Green colour के elements हैं वो Metal की property को show करते हैं और जो Red colour में हैं वो Non-metal की property को show करते हैं और कुछ Grey colour के भी हैं जो show करते हैं Metalliod की property.


तो कोई भी metal हो या non metal सब बने तो Atom से ही हैं और इन्ही Atom के अन्दर भी कुछ particles होते हैं Electron, Proton और Neutron 


अब Proton और Neutron तो necules पर होते हैं और electrons हमारे orbits में revolve कर रहे होते हैं 
तो यहाँ पर अब बात आती है कि कितने electrons किस orbit में आने चाहिए तो उसके लिए हमने आपको Atom वाली Blog post में बताया था कि electrons divide होते हैं sub-shells में, निचे आप फोटो में देख सकते हैं कि first orbit में 2 electrons और second orbit में 8 electrons और third orbit में भी minimum 8 electrons तो होने ही चाहिए 



  
                                    


              


अगर किसी Atom के second orbit में  8 electrons हैं तो सही हैं अगर 8 electrons नही है तो कुछ-न-कुछ गड़बड़ है?
                                                   

 Electron Gain or lose 

तो जैसा कि हम जानते ही हैं कि किसी भी Atom के first orbit के बाद वाले orbits  में minimum 8 electrons तो होने ही चाहिए उसको balance होने के लिए 
अगर electrons 8 से कम हैं तो कुछ-न-कुछ गड़बड़ है 


                                             


तो किसी Element के Atom के last orbit में 4 electrons से कम हैं तो वो Atom अपने उन electrons को lose कर देगा  

और अगर किसी Element के Atom के last orbit में 4 electrons से ज्यादा हैं तो वो Atom किसी और Atom से electrons gain कर लेगा 
ये कुछ 2 rule जिससे ये decide होता है element metal होगा या non -metal .  

  Metals, Non-Metals और Semiconductor के बीच अंतर atomic level पर ?


 

तो अब आयए पहला example Aluminium का लेते हैं कि ये electron को lose करेगा या gain ?


                                   

                             

 तो Aluminium का Atomic no. होता है 13, तो अभी Aluminium के पास हैं 13 electrons तो first orbit में आए 2 electrons और second orbit में आए 8 electrons तो बचे अब 3 electrons लेकिन orbit को पूरा करने के लिए चाहिए 8 electrons लेकिन हैं इसके पास only 3 electrons तो अब क्या? तो अब इसको ज़रोरत है 5 electrons की तो अब यहाँ पर इसको  5 electrons लेना आसान होगा कि 3 electrons दे देना हालांकि 3 electrons lose करना आसान होगा ?



                  

तो इस तरह के Elements जो Atom के electrons को lose करने की property को show करते हैं वो कहलाते हैं हमारे Metals?

तो अब आयए दूसरा example लेते हैं phosphorous का कि ये metal है या non metal ये electron को lose करेगा या gain ?


                            

                                 

 तो phosphorous का Atomic no. होता है 15, तो अभी phosphorous के पास हैं 15 electrons तो first orbit में आए 2 electrons और second orbit में आए 8 electrons तो बचे अब 5 electrons लेकिन orbit को पूरा करने के लिए चाहिए 8 electrons, लेकिन हैं इसके पास only 5 electrons तो अब क्या? तो अब इसको ज़रोरत है 3 electrons की तो अब यहाँ पर इसको  3 electrons लेना आसान होगा कि 5 electrons दे देना हालांकि 3 electrons gain  करना आसान होगा ?


                                        


तो इस तरह के Elements जो Atom के electrons को gain करने की property को show करते हैं वो कहलाते हैं हमारे Non -Metals?

अब आयए तीसरा example लेते हैं जो कि थोड़ा-सा हटके है Silicon का Silicon क्या करेगा electron को gain या lose ?



                                               

                


तो Silicon का Atomic no. होता है 14, तो अभी Silicon के पास हैं 14 electrons तो first orbit में आए 2 electrons और second orbit में आए 8 electrons तो बचे अब 4 electrons लेकिन orbit को पूरा करने के लिए चाहिए 8 electrons लेकिन हैं इसके पास only 4 electrons तो अब क्या? तो अब इसको ज़रोरत है 4 electrons की तो अब यहाँ पर ये क्या करेगा ये कुछ-भी नही करेगा न ही ये electron को lose करेगा और न ही gain करेगा ?

                                               

        

      

तो इस तरह के Elements जो Atom के electrons को न तो lose करते हैं और न ही gain करते हैं वो कहलाते हैं हमारे Semiconductor?


 Doping क्या है ?


तो Doping का मतलब होता है कि किसी भी चीज़ में कुछ Impurity मिलाकर उस चीज़ कि छमता को बढ़ा देना तो अब मान लीजिये कि एक इन्सान है उसकी capacity है 20 kg weight उठाने की लेकिन अगर मैं उस इन्सान को कुछ tablet या injection दे दूं जिससे अब उसकी capacity 40 kg weight उठाने की हो जाये तो इस चीज़ को कहा जाता है Doping. 

तो हम ये Doping process Semiconductor के अन्दर करते हैं जिससे उसकी properties में कुछ change आ जाये ?


तो simply semiconductor 2 तरह के होते हैं: 

1 ) Intrinsic semiconductor 
2 ) Extrinsic semiconductor 

1 ) Intrinsic semiconductor : वो semiconductor जो naturally पाए जाते हैं ?
2 ) Extrinsic semiconductor : pure semiconductor के अन्दर कुछ Doping करने के बाद जो semiconductor बनता है वो होता है Extrinsic semiconductor. Extrinsic semiconductor भी 2 तरह के होते हैं ?

a) p-type semiconductor
b) n- type semiconductor



तो जब भी हम किसी pure semiconductor के अन्दर कुछ doping process करते तब वह pure semiconductor बन जाता है Extrinsic semiconductor और इसकी पूरी structure ही change हो जाती है 

और इस semiconductor को हम आजकल modern electronics में काफी ज्यादा use करते हैं अब चाहे वो diode हो या Transistor या IC या किसी computer का microprocessor वे सभी इसी Extrinsic semiconductor से ही बने हैं ?

 तो हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा Metals और Non-metals के बारे में दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी अगर आपको यह Blog Post आई तो आप इसको like करिए और आप हमारे youtube channel पर जाना चाहते हैं तो निचे दिए गए link पर आप click करिए हमारे youtube channel पर भी आपको इसी तरह कि Informative Videos मिल जायेंगे इस Blog Post को पढने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!!


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